Wednesday, 1 August 2012

रक्षा बंधन भाई बहन का ही नहीं अपितु समाज की मूल भूत एकसूत्रता की अनुभूती एवं स्वीकृति का त्यौहार है, यह दिन संस्कृति दिवस भी है, भारत की महान  संस्कृति संस्कृत के बल पर ही चिरस्थायिनी बनी है 
संस्कृतिः संस्क्रिताश्रिता अस्य दिवसस्य नैकशः वर्धापनाम 
इस दिन आपसे एक अपेक्षा और विनती है की आप इन वाक्यों को अवश्य उचारें 
जयतु संस्कृतं !! जयतु संस्कृतिः !! जयतु भारतं

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