कामनाये मोक्ष की और भावनाएं भोग की
जिंदगी जंजाल है बस इसी संजोग की
चाहता हूँ सब सही हो किन्तु हो पाता नहीं
कब अवज्ञा हो गई कुछ समझ आता नहीं
इस विकट सग्राम को किस शस्त्र से लडूँ ?
आपसे "उत्तम क्षमा" मिले तो फिर में आगे बढूँ ...
मन वचन कर्म से प्रत्यक्ष अप्रत्यक्ष में मेरे द्वारा यदि आपको कष्ट हुआ हो तो आत्मशुद्धि के इस पावन पर्व पर करबद्ध क्षमायाचना - भूषण जैन
जिंदगी जंजाल है बस इसी संजोग की
चाहता हूँ सब सही हो किन्तु हो पाता नहीं
कब अवज्ञा हो गई कुछ समझ आता नहीं
इस विकट सग्राम को किस शस्त्र से लडूँ ?
आपसे "उत्तम क्षमा" मिले तो फिर में आगे बढूँ ...
मन वचन कर्म से प्रत्यक्ष अप्रत्यक्ष में मेरे द्वारा यदि आपको कष्ट हुआ हो तो आत्मशुद्धि के इस पावन पर्व पर करबद्ध क्षमायाचना - भूषण जैन