पहाड़ पर चढने का लिए झुक कर चला जाता है दौड़ा नहीं जाता ,
वैसे ही जिंदगी में ऊंचाई पाने के लिए झुक कर अर्थात विनम्रता से धीरे धीरे सही रास्ते पर चलना चाहिए !
भूषण जैन @ कालिदास अकादमी उज्जैन 6 जून 2012, शाम 4:58
वैसे ही जिंदगी में ऊंचाई पाने के लिए झुक कर अर्थात विनम्रता से धीरे धीरे सही रास्ते पर चलना चाहिए !
भूषण जैन @ कालिदास अकादमी उज्जैन 6 जून 2012, शाम 4:58