रक्षा बंधन भाई बहन का ही नहीं अपितु समाज की मूल भूत एकसूत्रता की अनुभूती एवं स्वीकृति का त्यौहार है, यह दिन संस्कृति दिवस भी है, भारत की महान संस्कृति संस्कृत के बल पर ही चिरस्थायिनी बनी है
संस्कृतिः संस्क्रिताश्रिता अस्य दिवसस्य नैकशः वर्धापनाम
इस दिन आपसे एक अपेक्षा और विनती है की आप इन वाक्यों को अवश्य उचारें
जयतु संस्कृतं !! जयतु संस्कृतिः !! जयतु भारतं