Thursday, 3 May 2012

बड़ा बना दिया


कभी पहली बार स्कूल जाने में डर लगता था
आज हर रास्ता खुद ही चुनते है,
कभी मम्मी पापा की हर बात सच्ची लगती थी
आज उन्ही से झूठ बोलते है 
कभी छोटी सी चोट रुला देती थी
आज दिल टूटता है फिर भी सम्हल जाते है
पहले दोस्त सिर्फ साथ खेलने तक याद रहते थे
आज कुछ दोस्त जान से ज्यादा प्यारे लगते है 
पहले टेंशन का मतलब माँ से पूछना पड़ता था 
आज हर दिन टेंशन से भरा लगता है 
पहले पल में लड़ना मानना रोज का काम था 
आज एक बार जो जुदा हुए तो रिश्ते तक खो जाते है 
सच जिंदगी ने इतना कुछ सिखा दिया 
पता नहीं रब ने इतनी जल्दी क्यों बड़ा बना दिया

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